Value Investing in hindi
Value Investing: क्या होती है स्ट्रैटेजी आप इससे किस तरह से बना सकते हैं पैसे
स्टॉक मार्केट, जब ढंग से समझ आ जाए है |तो आप बहुत सारा पैसा कमा सकते हैं, लेकिन यदि आप बाजार को बिना समझें बेतुके ढंग से निवेश करते हैं तो आप अपना पूरा पैसा खो भी सकते हैं|
- सही डिमैट अकाउंट चुने
- सिर्फ चार्ट पेटर्न देखकर निवेश ना करें|
- खुद से रिसर्च करके शेयर खरीदना चाहिए|
- कंपनी का बिजनेस समझने की कोशिश करें|
- वार्षिक रिपोर्ट पढ़ें|
- सुनिश्चित करें कि कंपनी का नेट प्रॉफिट साल दर साल बढ़ना चाहिए|
किसी कंपनी के शेयर की सही वैल्यू उसके कामकाज के हिसाब से तय की जा सकती है| इसमें कंपनी के प्रबंधन की गुणवत्ता, वित्तीय नतीजे एवं हालत और फंडामेंटल आदि के हिसाब से कंपनी की वैल्यू तय की जाती है| वैल्यू इनवेस्टिंग (Value Investing) के मुताबिक, शेयर मार्केट तेजी से चेंज होने की वजह से शेयर की कीमत उसकी इंट्रिंसिक (स्वाभाविक) वैल्यू से कम हो जाती है ,और हमें उसको खरीदने का मौका मिलता है|Value investing मे share को उसकी Discount पे लिया जाता है। यानि कोई कंपनी के share जो undervalued हो ऐसे share को खरीदना वो होता है value investing|
कैसे बनें वैल्यू इनवेस्टर?
विशेषज्ञ कहते हैं कि इस मामले में आपका ज्ञान और हार्डवर्क ही ताकत है| इस स्ट्रैटेजी में हमें उन स्टॉक्स को खरीदना होता है ,जो अंडरवैल्यूड हों और वो तभी होता है ,जब मार्केट में ज्यादातर लोग उसे बेच रहे है| वैसे इस जोखीम मे हमें उस स्टॉक्स को अलग सोचते हुए खरीदना होता है जो कि मुश्किल काम होता है|
अर्थव्यवस्था में हो रहे बदलाव से आपको वाकिफ होना चाहिए| इसके साथ ही नए ट्रेंड को पहचानने में आपकी कुशलता यहां काम आ सकती है|
किसी स्टॉक की इंट्रिंसिक वैल्यू को समझने के लिए आपको उसका डिविडेंड डिस्काउंट मॉडल, डिस्काउंटेड कैश फ्लो मॉडल, ग्रोथ मॉडल इत्यादी को समझना पड़ेगा| कइ बार लोग धैर्य खोकर ओवरवैल्यूड शेयर को खरीद लेते है|
नियमित रूप से किसी कंपनी के बारे में पढ़ना और बाजार से जुड़े लोगों के संपर्क में रहने से भी आप वैल्यू इनवेस्टिंग की राह पर आगे बढ़ सकते है|
स्टॉक्स में इन्वेस्ट करना पूरी तरह बाज़ार की स्थिति पर निर्भर करता है. इसलिए, भले ही आप स्टॉक मार्केट में ज़्यादा लाभ कमा सकते हैं, लेकिन आपको मिलने वाले रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती है. आप म्यूचुअल फंड और एसआईपी के माध्यम से छोटी राशि के साथ स्टॉक्स में इन्वेस्ट करना शुरू कर सकते हैं.
किसी कंपनी की market value कैसे पता करे ?
अगर आप किसी कंपनी में इन्वेस्ट करने की सोच रहे हैं, या फिर अपनी कंपनी बेचना चाह रहे हैं, तो उसकी कीमत का जायजा लगाना अच्छा रहता है क्योंकि इससे आपको पता चलता है की आपको कितनी आमदनी होने की सम्भावना है | कंपनी की मार्किट वैल्यू इन्वेस्टर की उसकी भविष्य में होने वाली आमदनी का आंकलन होता है |[१] बदकिस्मती से, हम एक पूरे बिज़नेस को स्टॉक शेयर जैसे लिक्विड एसेट की तरह वैल्यू नहीं कर सकते हैं; लेकिन, कंपनी की मार्किट वैल्यू को सही से आंकने के लिए कई तरीके मोजूद हैं | इनमें से कुछ आसान तरीकों में आप कंपनी की मार्किट कैपिटलाइजेशन (उसकी स्टॉक वैल्यू और शेयर्स का बकाया) का जायजा ले सकते हैं, उसी प्रकार की कंपनी से तुलना का आंकलन, या पूरी इंडस्ट्री से जुड़े मल्टीप्लायरज़ की मदद से मार्किट वैल्यू पता कर सकते हैं |
value इन्व्हेस्टिंग कैसे करे?
value investing करने के लिए आपको उस कंपनी की Book value भी पता रहनी चाहिए। और Book value से नीचे जो share मिलते है वो under value है। वो आप ले सकते है।
जब market crash होता है down होता है तब बहुत सारे share discount पे मिल जाते है।value investing करने के लिए आपको उस कंपनी की Book value भी पता रहनी चाहिए। और Book value से नीचे जो share मिलते है वो under value है। वो आप ले सकते है।
जब market crash होता है down होता है तब बहुत सारे share discount पे मिल जाते है।
value investing करने के लिए आपको उस कंपनी की Book value भी पता रहनी चाहिए। और Book value से नीचे जो share मिलते है वो under value है। वो आप ले सकते है।
जब market crash होता है down होता है तब बहुत सारे share discount पे मिल जाते है।
- मार्किट कैपिटलाइजेशन की मदद से मार्किट वैल्यू पता करना|
- बराबर की कम्पनीज से तुलना कर के मार्किट वैल्यू पता करना|
- मल्टीप्लायरज़ से मार्किट वैल्यू पता करना|
सही एंट्री और सही एग्जिट टाइम की जानकारी
‘वैल्यू शास्त्र’ की खासियत यह है कि इक्विटी निवेशों में सही एंट्री और सही एग्जिट टाइम की जानकारी मिल जाती है|मसलन इक्विटी में कब पैसा लगाना है या कब प्रॉफिट बुकिंग करनी है या कब पैसा निकाल लेना है| या मार्केट बहुत ज्यादा बढ़ चुका है तो इक्विटी की बजाए लिक्विड फंड में पैसा लगाना है|जिससे निवेशकों के लिए इक्विटी चक्रव्यूह को भेदना आसान हो जाता है|

तो आज हम आपको बताने वाले हैं कि किसी भी share या stock की Intrinsic value क्या होती है और इंटरिंसिक वैल्यू को कैसे कैलकुलेट किया जाता है?
Intrinsic value kya hai? Intrinsic Value in Hindi
किसी शेयर की Intrinsic value का मतलब उस share की वास्तविक कीमत से है। शेयर की Intrinsic value को हिंदी में आंतरिक मूल्य कहते हैं। इसे किसी शेयर की Fair value, Actual value, Real value या वास्तविक वैल्यू भी कहते हैं। तो किसी स्टॉक का सही दाम (Fair value) या एक्चुअल प्राइस ही उस शेयर की Intrinsic value या आंतरिक मूल्य कहलाता है।
स्टॉक मार्केट में हमेशा किसी भी शेयर को खरीदने से पहले उस स्टॉक की इंट्रिन्सिक वैल्यू पता कर लेनी चाहिए तभी आप उस शेयर से future में अच्छा प्रॉफिट या Return कमा सकते हैं|
आंतरिक मूल्य को आप अलग-अलग (Intrinsic Value definition in hindi) के द्वारा आसानी से समझ सकते हैं जैसे-
शेयर की Intrinsic value उस शेयर की करंट मार्केट वैल्यू से कम या ज्यादा हो सकती है।
- Stock की Intrinsic value का मतलब उस शेयर की सही कीमत अर्थात Real Value से है।
- Intrinsic value का अर्थ है शेयर की असली कीमत, वास्तविक कीमत, True value या Fair value, ना की उसकी मार्किट वैल्यू।
- दुनिया के सबसे अमीर इन्वेस्टर Warren Buffett भी intrinsic value से नीचे शेयर खरीदने की बात कहते हैं क्योंकि वह खुद भी Value Investing करते हैं जिसका मतलब है कि वह किसी भी स्टॉक को कम प्राइस पर खरीद कर उसे Long Term तक hold करते हैं और फिर उसे ज्यादा में बेच देते हैं।
- इतना ही नहीं Warren Buffett ने Intrinsic value का Formula भी दिया है जो कि थोड़ा complicated है लेकिन आज हम आपको बिल्कुल आसान भाषा में shares intrinsic value hindi meaning को समझाने वाले हैं।
Comments
Post a Comment